Ganpati part 6
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.jpg)[image source](https://encrypted-tbn0.gstatic.com/images?q=tbn:ANd9GcT4CGJVlQumEWL4wzqAjj6-lf_FDl_BYUtBH-gbd0kDgnTHRK9g5w) #Musher Ganesh vehicles made by Various of making a vehicle of Ganesha's rat Stories are found. According to Ganesha Purana one day Crock named in the meeting of Devraj Indra at Alkapuri Gandharva was singing that he had cough. He Get up and out of the window, which unfortunately, the window Vamdev going down under the sage dropped over the sage. They curse the angry crunch as a rat Gave. In the ashram of Parashar Muni by becoming a crowch rat Lived and satiated with the horrific catastrophe Munis ask Ganeshji to get rid of rat Of Then they threw away the loop and caught it Made the vehicle. One thing is that since Ganesha At the end was born so all the best and good Goddesses Take it Like, Lakshmi got the wealth of f Flower as lotus and owl in the form of a vehicle Selected Indra became the owner of heaven and he One of the fourteen gems received from Anaavat named elephant Made your vehicle. Goddess Saraswati Vidya Become the vehicle owner of the swan. To Vishnu The responsibility of the maintenance of the universe was entrusted, therefore He found them as a fast flying Garuda vehicle. But when Vinayak means Ganesha to the category of Gods Their vehicles and liabilities were included in Problem arose Since that time is the only basis for living Agriculture was the same, so it is the biggest loss The mouse carrying was made their vehicle. these In Sanskrit, the meaning of a mouse is a thief. Ganesh Moushak Such as controlling harmful elements. # केसे बना मूषक गणेश वाहन गणेशजी के चूहे को अपना वाहन बनाने की विभिन्न कथाएं मिलती हैं। गणेश पुराण के अनुसार एक दिन अलकापुरी में देवराज इंद्र की सभा में क्रॉच नामक गंधर्व गा रहा था, कि उसे खांसी आ गई। उसने उठकर खिड़की से बाहर , जो दुर्भाग्य से खिड़की के नीचे से जा रहे वामदेव ऋषि के ऊपर गिरा। उन्होंने गुस्से में क्रौंच को चूहा बन जाने का शाप दे दिया। क्रौंच चूहा बनकर पाराशर मुनि के आश्रम में रहने लगा और उसके भयंकर उत्पात से त्रस्त ऋषि मुनियों ने गणेशजी से चूहे से मुक्ति दिलाने की विनती की। तब उन्होंने पाश फेंककर उसे पकड़ा और अपना वाहन बना लिया। एक मत यह भी है कि चूंकि गणेश सबसे अंत में जन्मे थे इसलिए सभी श्रेष्ठ अच्छी औ वस्तुएंगुणपशु-पक्षी आदि पूर्ववर्ती देवीदेवताओं ने ले लिए। जैसे- लक्ष्मी ने धन का स्वामित्व पाकर f पुष्प के रूप में कमल और वाहन के रूप में उल्लू की चुना। इन्द्र स्वर्ग के स्वामी बने और उन्होंने समुद्र मंथन व से प्राप्त चौदह रत्नों में एक ऐरावत नामक हाथी को अपना वाहन बना लिया। सरस्वती विद्या की देवी बनकर वाहन हंस की अधिकारी बनी। विष्णु को सृष्टि के पालन-पोषण का दायित्व सौंपा गया, इसलिए उन्हें तेज उड़ने वाला गरूड़ वाहन के रूप में मिला। पर जब विनायक यानी गणेश को देवताओं की श्रेणी में शामिल किया गयातो उनके वाहन और दायित्व की समस्या खड़ी हुई चूंकि उस काल में जीवनयापन का एकमात्र आधार है कृषि ही थी, इसलिए उसको सबसे अधिक क्षति है पहुंचाने वाले चूहे को उनका वाहन बना दिया गया। ये संस्कृत में मूषक का अर्थ चोर होता है। गणेश मूषक जैसे हानिकारक तत्वों पर अपना नियंत्रण रखते हैं।